मदद - कौन भूलता, कौन याद रखता है ...

 *✍️ सुप्रभात🔅🏞️🌄💐💐🙏🙏*

 *♠️मदद - कौन भूलता, कौन याद रखता♠️*

 मदद एक ऐसी घटना है जिसे करो तो लोग ...
 भूल जाते है, और न करो तो ... याद रखते है ...💫

 🔹 लोग आपकी की गई सौ भलाइयों को आसानी से भुला देते हैं, लेकिन आपकी एक ना को हमेशा याद रखते हैं। जब आप किसी की मदद करते हैं, तो उन्हें खुशी मिलती है जो समय के साथ धुंधली हो जाती है। लेकिन जब आप मना करते हैं, तो उन्हें 'ठेस' पहुंचती है, और वह चोट उनके दिमाग में दर्ज हो जाती है। और वह उसे लंबे समय तक याद रखता है। ☘️

🔹 जब आप किसी की बार-बार मदद करते हैं, तो सामने वाला उसे आपका कर्तव्य या आदत मान लेता है। वे यह सोचना शुरू कर देते हैं कि "यह तो हमेशा मदद करता ही है।" ऐसे में जब आप किसी वाजिब कारण से भी मदद नहीं कर पाते, तो उनकी उम्मीदें टूट जाती हैं और वे आपकी पुरानी सारी मदद भूलकर केवल उस एक 'मनाही' को याद रखते हैं। ☘️

🔹 आज के समय में कई बार रिश्ते जरूरत और स्वार्थ पर टिके होते हैं। जब तक किसी का काम निकल रहा होता है, तब तक आपके उपकार याद रहते हैं। जैसे ही स्वार्थ पूरा होना बंद होता है या मदद रुकती है, लोग शिकायतें करना शुरू कर देते हैं। ☘️

🔹 किसी का अहसान मानना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। लोग अनजाने में उस व्यक्ति से दूरी बनाने लगते हैं जिसने उनकी कठिन समय में मदद की थी, ताकि उन्हें बार-बार अपने कमजोर होने का अहसास न हो। लेकिन जब कोई मदद नहीं करता, तो उन्हें दूसरों को दोषी ठहराने का एक आसान बहाना मिल जाता है। ☘️

🔹 जब आप रिटर्न या अहसान मानने की उम्मीद किए बिना मदद करेंगे, तो सामने वाले के भूलने पर आपको दुख नहीं होगा। अपनी सीमाओं से बाहर जाकर या खुद को नुकसान पहुंचाकर कभी किसी की मदद न करें। शुरुआत से ही सही जगह पर मना करना आपके आत्मसम्मान को बचाता है। इससे भविष्य में आपको कष्ट ज्यादा नहीं होगा। ☘️

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